What Is Spyware In Hindi – स्पाइवेयर क्या है और स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है?

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दोस्तों, कैसे हो आप सब दोस्तों आज हम आपको Spyware क्या है (What Is Spyware In Hindi) और स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है इसके बारे में विस्तार में जानकरी देने वाले है। दोस्तों क्या हो अगर में आपसे कहो के क्या अपने कभी सोचा है के आपका स्मार्टफोन बंद होने के बाद भी कोई और व्यक्ति आपसे बहुत दूर बैठे आपके समर्टफोने को आसानी से चला सकता है और आपके स्मार्टफोन में क्या क्या है उस सारे देता को देख सकता है और उसे अपने सिस्टम में डाउनलोड भी कर सकते है।

अब आप हैरान हो गए होंगे और ये सोच रहे होंगे आखिर कैसे कोई हमारी बगैर अनुमति के हमारे समर्टफोने के अंदर के देता को देख सकता है और उसे छोरा सकते है? और क्या यह संभव है? तो मैं आपको बतादूँ की  यह बिलकुल संभव हैऔर ये सारे काम आसानी से सिर्फ एक सॉफ्टवेयर की मदद से किया जा सकता है जिसे हम Spyware के नाम से आज के समय में जानते है।

आज के इस इंटरनेट के दौर में जहा हमरे कई सारे काम आसान और इंटरनेट और मोबाइल से जोड़ दिया गया है। वही दूसरी ओर इंटरनेट और मोबाइल पर गलत काम भी साथ बाद रहे है। आज इंटरनेट जितना फायेमंद है उतना ही ये खतरनाक भी है क्यूंकि इंटरनेट इस्तेमाल करते समय हमारी छोटी-छोटी सी गलती से हमारे लिए बड़ी समस्या बन जाएगी।

अगर आप एक स्मार्टफोन या कंप्यूटर और इंटरनेट इस्तेमाल करते है तो आपको Spyware के बारे में ज़रूर पता होना चाहिए। क्यूंकि Spyware नाम के वायरस या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके हैकर्स या कोई भी इंसान दुनिया के किसी भी कोने में बैठे आपके मोबाइल और कंप्यूटर को हैक करके उसे कण्ट्रोल कर सकते है।

अगर आपको नहीं पता है आखिर यह Spyware Kya Hai (What Is Spyware In Hindi) और आप इसे इसके बारे में जानना चाहते है तो आपको आज हम इस लेख में स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है इस संभंधित सारे सवालो का जवाब देने वाले है जिसे पढ़ने के बाद आपको Spyware के बारे में साआरी जानकरी होगी।

स्पाइवेयर क्या है – What Is Spyware In Hindi

Spyware एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है जो Malware का एक प्रकार है। जिसे हम आमतौर से एक जासूसी वायरस भी कहते है क्यूंकि Spyware एक ऐसा Malware है जो लगभग हर एक डिवाइस जो इंटरनेट से जोड़ी होती है उसमे ये ये सॉफ्टवेयर आसानी से प्रवेश कर सकता है।

इसे हम Spyware इस लिए कहा जाता है क्यूंकि ये बिना आपसे पूछे आपके मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप में से आपका सारा पर्सनल और इम्पोर्टेन्ट जानकरी चुरा सकता है और इस जानकरी को ये Malware उस जगह तक भेजता है जहा से इस Malware को कंट्रोल किया जा रहा है और इस सब के बारे में आपको भनक भी नहीं लगेगी के आपकी जानकरी किसी और को भेजी जा रही है।

जब एक बार ये Spyware आपके स्मार्टफोन, कंप्यूटर और लैपटॉप में प्रवेश कर जाता है तो आपके डिवाइस का जितना कंट्रोल आपके हाथ में होता है उतना ही कंट्रोल कही और बैठे उस हैकर के पास भी होता है जो इस Spyware को कंट्रोल कर रहा है। अगर हम आपको इसे आसान शब्दों समझने की कोशिश करे तो जिस तरह हम हमारे घर की निगरानी करने के लिए CCTV कैमरा का इस्तेमाल करते है जिससे हम लोगो की निगरानी कर सके उसी तरह ये स्पाइवेयर भी आपके डिवाइस में घुस कर आपकी निगरानी करता है। 

Spyware कैसे काम करता है?

एक Spyware को हम एक वायरस नहीं कहे सकते है क्यूंकि एक वायरस एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में प्रवेश करता रहता है और एक Spyware को हम जब हम चाहेंगे तभी उसे एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में वो प्रवेश कर सकता है।

जब एक Spyware एक कंप्यूटर या मोबाइल में प्रवेश कर लेता है यह उस डिवाइस के कार्य करने की क्षमता को को प्रभावित करता है। और उसके काम करने की स्पीड को धीमा कर देता है। आज के समय में जब हम इंटरनेट पर Web Browsing बहुत सारे काम के लिए करते है और ब्राउज़िंग करते समय हम इंटरनेट से कोई भी फाइल्स को डाउनलोड करते है।

और जब हम उस फाइल को डाउनलोड करने के बाद उसे अपने डिवाइस में इनस्टॉल करते है तो तब दुनिया भर के हैकर्स उस फाइल के सेटअप में ये Spyware सॉफ्टवेयर को जोड़ देते है जिससे उस फाइल के आपके डिवाइस में इनस्टॉल होने के साथ साथ ये Spyware भी इनस्टॉल हो जाता है और आपको इस के बारे में पता भी नहीं चलता है।

जब ये Spyware आपके डिवाइस में इंसटाल हो जाते है तो तब आपका डिवाइस जब भी इंटरनटे से कनेक्ट होता है तो ये सॉफ्टवेयर Background में अपना काम शुरू कर देता है। इस तरीके से ये Spyware किस के डिवाइस में घुसता है और काम करता है।

हालाँकि आपको मैं यहाँ पर ये बात जानने वाली है की अगर आप जब इंटरनेट का इस्तेमाल करते है और और किसी सामान्य और सुरक्षित वेबसाइट से कोई भी चीज़ को डाउनलोड करते है या फिर आपके डिवाइस में एक अच्छी कंपनी के Antivirus इनस्टॉल है तो आपके डाउनलोड करने पर कोई भी इस तरह का Spyware नहीं आता है।

स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है?

अभी तक हमने आपको इस लेख में Spyware क्या होता है (What Is Spyware In Hindi) और Spyware कैसे काम करता है इसके बारे में विस्तार में जानकरी दी है तो अब हम आपको स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है इसके बारे में बताने जा रहे है।

जब हम Spyware की बात करते है तो ये कोई एक प्रकार के नहीं होते है बल्कि इस सॉफ्टवेयर के बहुत सारे प्रकार है जिन्हे मुख्य रूप से चार भागो में बांटा गया है जिनके नाम निचे दिए है और फिर इनके बारे में बताये गए है।

  • Adware
  • System Monitors
  • Tracking Cookies
  • Trojans

Adware:

Adware ये एक स्पाइवेयर का प्रकार है। जिसका फुल फॉर्म “Advertising Supported Software” है जिसे सॉफ्टवेयर कोई भी सॉफ्टवेयर बनाने वाले कंपनी के द्वारा बनाया जाता है। जब हम कोई भी सॉफ्टवेयर मार्किट से खरीद कर लाते है और उसे अपने कंप्यूटर में इनस्टॉल करते समय अगर कोई Advertising Ads नज़र आती है ये Adware Spyware होता है। जो हमें Installation Process के दौरान Ads दिखाता है। इसी लिए हम इसे Advertising Software भी कहते है। और इसके कारन आपके कंप्यूटर में और मोबाइल में कोई भी नुकसान नहीं पहुँचता है।

System Monitors:

System Monitors का नाम तो आप सभी ने कही ना कही सुना ही होगा। मगर क्या आपको मालुम है की System Monitors भी Spyware का एक प्रकार है। इसका काम ये है की जो भी काम हम अपने कंप्यूटर में दिनभर करते है जैसे कोई ऑफिस का काम या फिर किसी से Chatting करना और Emails भेजना और कौन कोनसी Websites को हमने अपने कंप्यूटर पर विजिट करते है इस सब जानकरी को चुरा कर किसी थर्ड पार्टी के व्यक्ति को भेजना ही System Monitors का काम होता है।

Tracking Cookies:

ये Spyware का प्रकार जैसे ही हम इंटरनेट पर कोई भी वेबसाइट को ओपन करते है तो ओपन होते ही आपके सामने एक Pop Up Window मेसेज आता है, जिसमे आपसे Cookies की Permission मांगता है जो की तरह का Spyware होता है। जिसका उपयोग वो वेबसाइट Marketing Purpose के लिए करती है। और ये cookies को लेकर आपकी Web एक्टिविटीज और सर्च एक्टिविटीज को ट्रैक करती है।

Trojans:

Spyware का ये प्रकार सबसे ज़्यादा खतरनाक होता है। इस तरीके का Spyware अगर आपके कंप्यूटर में चला गया तो ये आपके कंप्यूटर का सारा महत्वपूर्ण जानकारी जैसे बैंक अकाउंट डिटेल और क्रेडिट कार्ड डिटेल और आपके पर्सनल फोटो को चोरा लेता है और इन सारे डेटा को थर्ड पार्टी जो ये सॉफ्टवेयर को कंट्रोल कर रही है उस हैकर को भेज देती है। इस तरह के Trojan आपके कंप्यूटर में जब आप JAVA or Flash Player को Download करते है जब ये आपके कंप्यूटर में पहुँच जाते है।

स्पाइवेयर का इतिहास

सबसे पहला स्पाइवेयर दुनिया में ऐसे ही बना दिया गया था जो 16 अक्टूबर 1995 में बनाया गया था और जिसे उसी दिन पहली बार उपयोग भी किया गया था। स्पाइवेयर सबसे पहले 2006 में लोगो के सामने आया जब Internet Explorer और Microsoft Windows Operating System में इसे पाया गया जिसकी वजह से Windows के Operating System में प्रॉब्लम देखने को मिली जिसके बाद Microsoft के द्वारा इसे सुधर ली गयी थी।

स्पाइवेयर कितना खतरनाक है?

जब हमारे सिस्टम में कोई साधारण वायरस आता है तो ये नुकसान पहुँचाने के साथ साथ फिलो को करप्ट भी कर देता है। लेकिन ये स्पाइवेयर आपकी डिवाइस में मौजूद जानकरी को जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, आपकी चैटिंग, एटीएम कार्ड डिटेल, क्रेडिट कार्ड डिटेल, जैसी महत्वपूर्ण जानकरी हैकर को भेजता रहता है। जिससे हमारी सारी डिटेल लीक हो जाती जिसे वो कैसे भी और कब भी इस्तेमाल कर सकता है। इसी वजह से इस स्पाइवेयर वायरस को सबसे खतरनाक कहा गया है।

कैसे पता लगाए के आपके डिवाइस में स्पाइवेयर है?

अब तक हमने Spyware क्या है (What Is Spyware In Hindi) और स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है इसके बारे में विस्तार ऊपर जानने को मिला है लेकिन अब आप सोच रहे होंगे मुझे कैसे पता चलेगा की मेरे पास स्पाइवेयर है। तो इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट निचे बता रहे है।

  • अगर आपके डिवाइस की बैटरी बहुत जल्द ख़तम या कम हो रही है।
  • अगर आपके डिवाइस के काम करने की स्पीड कम हो रही है या फिर आपका डिवाइस चलते चलते रुक (Hang) जा रहा है।
  • जब आप किसी को अपने स्मार्टफोन से कॉल करते है और कॉल के दौरान बैकग्राउंड में कोई और आवाज आती है।
  • अगर आपका कंप्यूटर और स्मार्टफोन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है मतलब अपने आप Shutdown हो जा रहा है।
  • अगर आपके कंप्यूटर और स्मार्टफोन इंटरनेट का डाटा बहुत ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है।

अगर आपके कंप्यूटर और स्मार्टफोन में इनमे से कोई भी प्रॉब्लम आ रही है तो आपको में सुझाव दूंगा की आप अपना डिवाइस को एक बार चेक कर ले के कही इसमें स्पाइवेयर का अटैक तो नहीं है।

स्पाइवेयर से कैसे बचे?

अगर आप भी स्पाइवेयर के हमले से अपने डिवाइस को बचाना चाहते है तो निचे दिए हुए पॉइंट को ध्यान में रखले और ये काम कभी ना करे अपने डिवाइस में।

  • Unathorised ईमेल को अपने डिवाइस में कभी ओपन ना करे।
  • इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किसी भी Unathorised लिंक पर क्लिक ना करे।
  • कोई भी Pop Up Advertisment पर और गलत Ads क्लिक ना करे।
  • कोई भी ख़राब वेबसाइट पर विजिट ना करे जैसे Adult 18+ Website
  • अच्छी कंपनी का Antivirus हमेशा अपने डिवाइस में इनस्टॉल रखे जैसे Quickheal, Kaspersky

आज अपने क्या जाना

दोस्तों आज हमने आपको Spyware क्या होता है (What Is Spyware In Hindi) और स्पाइवेयर कितने प्रकार के होते है इसके बारे में जानकारी विस्तार में देने की कोशिश की है। मुझे उम्मीद है की आपको इस लेख से कुछ नया सीखने को मिला होगा और आप जो भी सवाल का जवाब ढूंढ़ने के लिए आये थे उस सवाल का जवाब मिल गया होगा। अगर आपको इस लेख से कुछ सीखने को मिला होगा तो इस लेख को अपने दोस्तों दे साथ शेयर करना ना भूलें।

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