Islam Dharm Kitna Purana Hai

Islam Dharm Kitna Purana Hai – इस्लाम धर्म कितना पुराना है?

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दोस्तों आज हम आपको इस लेख में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम के बारे में जैसे Islam Dharm Kitna Purana Hai इसके बारे में विस्तार में जानकारी देने वाले हैं। दोस्तों इस्लाम धर्म के बारे में ऐसी बात बताने वाले थे जिसको आप अपने मोबाइल से इंटरनेट और गूगल पर सर्च करते है लेकिन आपको इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलती है और जब आपको मुस्लिम धर्म कितना पुराना है?

इसका जवाब नहीं मिलता है तो आप उदास होकर गूगल को बंद कर देते हैं। इसी समस्या को देखते हुए आज हम आपको इस लेख में एक सवाल इस्लाम धर्म कितना पुराना है का जवाब विस्तार में देने वाले हैं अगर आप भी इसके बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को आखिर तक पूरा पढ़े।

इस्लाम धर्म दुनिया के पांच महाद्वीपों पर फैला हुआ एक महत्वपूर्ण धर्म है। आज के समय में इस्लाम धर्म इतना प्रचलित हो गया है कि विश्व की कुल जनसंख्या मैं से लगभग 24% लोग इस्लाम धर्म का पालन करते हैं, और भारत देश में यह हिंदू धर्म के बाद दूसरा सबसे बड़ा धर्म है और लगभग 20 करोड़ भारत के लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं। इस्लाम की उत्पत्ति काफी पुरानी है और इसके मूल संस्थापक हज़रत मोहम्मद थे। इस्लाम की प्राचीनता और महत्व के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम इस लेख में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इस्लाम धर्म, जिसे अरबी भाषा में “सुरेंद्र” कहा जाता है, एक मोनोथेइस्टिक धर्म है जिसका मुख्य मान्यता सिर्फ एक ही ईश्वर के होने पर है। यह धर्म 7वीं सदी में पैदा हुआ था और हज़रत मोहम्मद के प्रवचनों पर आधारित है। इस्लाम के अनुयाय मुसलमान कहलाते हैं और इस धर्म के फ़ॉलोअर्स की संख्या विश्व भर में लगभग १२ अरब से अधिक है। यह एक व्यापक और सांस्कृतिक धर्म है जिसकी मान्यताएं, रीति-रिवाज़ और इतिहास विश्व भर में व्याप्त हैं।

तो चलिए इस लेख की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि Islam Dharm Kitna Purana Hai और साथ में इस्लाम धर्म की उत्पत्ति कहां से हुई, इस्लाम धर्म का विकास दुनिया में कैसे हुआ इन सब सवालों का जवाब एक-एक करके जानते हैं।

इस्लाम धर्म क्या है?

इस्लाम एक प्रमुख धर्म है जिसे विश्व भर में मान्यता प्राप्त है। इस्लाम धर्म की उत्पत्ति एशिया महाद्वीप पर हुई थी और यह एक अद्वैतवादी धर्म है जो केवल एक ही ईश्वर की पूजा करता है। इस्लाम धर्म के अनुयाय मुस्लिम कहलाते हैं। यह धर्म अल्लाह के उपदेशों पर आधारित है, जो हज़रत मुहम्मद के द्वारा प्राप्त हुए थे।

इस्लाम धर्म में कुरान नामक पवित्र ग्रंथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुरान में अल्लाह के उपदेश, नीतियाँ और आदेश वर्णित हैं और इसे मुसलमान समुदाय के लोगों को मार्गदर्शन देने के लिए मान्यता प्राप्त है। इस्लाम के चार महत्वपूर्ण स्तंभ हैं – कलिमा, नमाज़, रोज़ा और हज़। ये उन आदेशों और नियमों को प्रतिष्ठापित करते हैं जिन्हें मुसलमानों को अपनाना चाहिए।

इस्लाम का अनुसरण करने वाले लोग ईश्वर पर विश्वास करते हैं और अपने जीवन में न्याय, सच्चाई, और सद्भाव की मांग करते हैं। वे नमाज़ के द्वारा अल्लाह की पूजा करते हैं और कुरान के मार्गदर्शन पर अपना जीवन चलाते हैं। इस्लाम के अनुयाय धार्मिक त्योहारों को महत्व देते हैं और अपने समाज में सद्भाव और सहयोग को प्रमुखता देते हैं।

इस्लाम धर्म का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और इसकी मान्यताएं और रीति-रिवाज़ विश्व भर में व्याप्त हैं। इस्लाम के प्रमुख तीर्थस्थलों में मक्का और मदीना शामिल हैं, जहां पर्यटक और मुसलमान यात्री अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हैं।

इस्लाम धर्म एक व्यापक और महत्वपूर्ण धर्म है जिसमें न्याय, शांति और मानवता की महत्वपूर्ण संकल्पना है। इसके सिद्धांतों, उपदेशों और धार्मिक कर्मों के माध्यम से, इस्लाम अपने अनुयायों को एक आदर्श और निष्ठावान जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

इस्लाम धर्म कितना पुराना है?

ऐसा माना जाता है कि इस्लाम धर्म दुनिया में सबसे पुराना धर्म है जो दुनिया बनने से पहले से मौजूद है। इस्लाम धर्म की उत्पत्ति मक्का मदीना में 7वीं शताब्दी के शुरुआत में हुई थी। इतिहास की कुछ किताबों में यह भी लिखा है कि दुनिया के सबसे पहले इंसान जिनका नाम आदम है वह भी मुस्लिम धर्म को पहले मारने वाले थे। आसान शब्दों में कहा जाए तो Islam Dharm Kitna Purana Hai।

इस्लाम धर्म की स्थापना सबसे पहले पैगंबर मोहम्मद के द्वारा 7वीं शताब्दी में की गई थी। हज़रत मोहम्मद के जन्म के लगभग ६० साल पश्चात्, वे एक दिव्य प्रकाश देखने और अल्लाह के मदद से एक महान आंदोलन की शुरुआत करने के लिए जागृत हुए। ऐसा कहा जाता है कि फरिश्ते जिब्राइल में पैगंबर मोहम्मद को अल्लाह का संदेश दीया था जिसके बाद पैगंबर मोहम्मद ने मुस्लिम धर्म का प्रचार करना शुरू कर दिया था।

पैगंबर मोहम्मद को अंतिम पैगंबर भी माना जाता है, और यह भी कहा जाता है लगभग 613 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद ने इस्लाम धर्म का प्रचार करना शुरू किया। बहुत से लोगों का आज के समय में यह मानना है कि इस्लाम धर्म आज से करीब 1400 पुराना धर्म है, यानी इसका मतलब इस्लाम इस दुनिया में सिरको 1400 साल पहले आया है और उससे पहले इस दुनिया में कोई मुसलमान नहीं था।

लेकिन जब हम इस्लाम धर्म के बारे में और गहराई से जानने की कोशिश करते हैं तो हमें पता चलता है कि इस्लाम इस दुनिया में 1400 साल पहले नहीं आया था बल्कि यह धर्म की शुरुआत दुनिया बनने के साथ ही हो गई थी। दुनिया में पहले इंसान हजरत आदम से लेकर पैगंबर मोहम्मद तक जितने भी नबी थे सब मुसलमान ही थे। बाद में फिर इन सब नबियों में नए धर्म की स्थापना की अपना धर्म बदल लिया था और ऐसा माना जाता है कि पहले यह सब मुसलमान ही थे और एक ही अल्लाह को मानने वाले थे।

पैगंबर मोहम्मद को अल्लाह के द्वारा संदेश भेजा जाता था जिसे हम “वही” कहते हैं। और इस वही के द्वारा ही पैगंबर मोहम्मद अपने सारे काम और इस्लाम को फैलाने का काम करते थे। अल्लाह यह सब वही अपने रिश्ते जिब्राइल के द्वारा भेजी जाती थी। इन सब वही को पैगंबर मोहम्मद के द्वारा एक किताब मैं जमा की जाती थी जिसे “कुरान शरीफ” कहते है। इसके अलावा, इस्लाम में हदीस नाम का ग्रंथ भी है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद के वचन, कर्म, आदेश और पहले की घटनाये और कुरान को समझने के लिए भी उपदेश दिए गए है।

इस्लाम धर्म का इतिहास क्या है?

दोस्तों अभी आपने इस लेख में ऊपर इस्लाम धर्म कितना पुराना है? (Islam Dharm Kitna Purana Hai) इसके बारे में विस्तार में जाना तो चलिए हम आपको इस्लाम धर्म का इतिहास क्या है इसके बारे में बताते हैं।

इतिहासकारों के अनुसार इस्लाम धर्म की उत्पत्ति मक्का और मदीना से 7वीं शताब्दी में हुई थी, दुनिया के सबसे पहले आदम से लेकर पैगंबर मोहम्मद तक सबको इस्लाम धर्म का ही माना जाता है पैगंबर मोहम्मद के द्वारा ही इस्लाम धर्म की मूल स्थापना की गई थी।

उस समय के लोगों के द्वारा अल्लाह के इलावा और भी बहुत सारी को चीज़ो को ईश्वर मानकर पूजा की जाती थी। जिसके बाद अल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद को अपने उद्देश्य को फैलाने के लिए भेजा, फिर धीरे-धीरे पैगंबर मोहम्मद के द्वारा अल्लाह के उपदेश दुनिया के लोगों को बताना शुरू किया, इसी तरह पैगंबर मोहम्मद में अपना पूरा जीवन अल्लाह और इस्लाम को दे दिया था।

पैगंबर मोहम्मद की वजह से ही आज दुनिया में इस्लाम इतना मजबूत और सबसे ज्यादा मानने वाले है। इस्लाम की धार्मिक किताब “कुरान शरीफ” को इन्हीं के द्वारा प्रस्तुत की गई थी जिसके ऊपर आज पूरा इस्लाम धर्म आधारित है।

इस्लाम धर्म के महत्वपूर्ण तीर्थस्थल

इस्लामी धर्म में कुछ महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं जिन्हें मुसलमान यात्रियों द्वारा बहुत महत्व दिया जाता है। मक्का में स्थित ग्रंथ संग्रहालय का मुख्यालय कबा, जहां हज़रत मोहम्मद का जन्म हुआ था, एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। मदीना, जहां हज़रत मोहम्मद का समाधि स्थल है, एक और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। इन तीर्थस्थलों पर सभी मुसलमान यात्री जाकर अपनी आस्था को जीवंत रखते हैं।

इस्लाम का विस्तार किसने किया था?

दोस्तों इस्लाम का विस्तार पैगंबर मोहम्मद ने किया था। हज़रत मोहम्मद एक मशहूर आदमी थे जिन्होंने इस्लाम धर्म की स्थापना की और उसका प्रचार-प्रसार किया। वे अपने उपदेशों को लोगों के साथ साझा करके इस्लाम के मान्यताओं का प्रसार किया। उनके प्रवचनों और अनुयायों के समर्थन के परिणामस्वरूप इस्लाम धर्म विश्व भर में फैला। वे अपनी जीवनी में इस्लाम के सिद्धांतों का उदाहरण प्रदान करके लोगों को प्रेरित करते रहे। इस्लाम के प्रमुख तत्व और नीतियों के प्रचार में हज़रत मोहम्मद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनके आदर्शों को आज भी अनुसरण किया जाता है।

हज़रत मोहम्मद कौन थे?

हज़रत मोहम्मद इस्लाम धर्म के प्रमुख संस्थापक थे। वे 6वीं सदी में अरबी देश में जन्मे थे। हज़रत मोहम्मद के माता-पिता हज़रत अब्दुल्लाह और हज़रत आमिना थे। उनके पिता की मौत के बाद, उन्होंने बचपन को अपनी दादी के साथ बिताया। जी के द्वारा अल्लाह के शब्दों को एक किताब “कुरान शरीफ” मे दर्ज किया गया था। इस्लाम कि हर पवित्र किताब में पैगंबर मोहम्मद को ही आखरी पैगंबर कहां गया है। यह तो हम आपको बता ही चुके हैं की अल्लाह के एक फ़रिश्ते जिसका नाम जिब्राइल था उसने पैगंबर मोहम्मद द्वारा अल्लाह के वचन लोगों तक पहुंचाए थे।

पैगंबर मोहम्मद का जन्म 570 ईसवी में हुआ था और बहुत ही छोटी सी उम्र में ही या अपने माता-पिता का देहांत हो गया था, जब इनके माता-पिता का देहांत हुआ था तब इनकी उम्र ६ साल की थी। जिसके बाद यह अपने चाचा चाची की देख रेख में बड़े हुए थे। 40 साल की उम्र में उन्होंने हीरा पर्वत की गुफा में जिब्राइल को देखा, यहीं पर उन्हें पहली बार अल्लाह से अपनी सबसे पहले वही प्राप्त हुई थी।

कुरान शरीफ के बारे में 

Islam Dharm Kitna Purana Hai इसके बारे में तो आप ऊपर विस्तार में जान लिया है तो चलिए हम आपको कुरान के बारे में जानकारी देते हैं। कुरान शरीफ मुस्लिम धर्म की पवित्र किताब है और इस्लाम के प्रमुख धार्मिक स्रोत के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह किताब आल्लाह के उपदेशों का संकलन है और हज़रत मोहम्मद के माध्यम से प्राप्त हुआ। कुरान की रचना अरबी भाषा में हुई है और इसे संस्कृत के श्लोकों की तरह गठित किया गया है। यह पांच अल्लाही सूरतों में विभाजित है, जो अनुमानित रूप से 114 सूरतों या चैप्टर में व्यवस्थित हैं।

कुरान में संदेश और उपदेशों का समृद्ध संग्रह है। इसमें विभिन्न विषयों पर आल्लाह के उपदेश वर्णित हैं, जिन्हें मुसलमानों को अपनाना चाहिए। कुरान में धर्म, नीति, जीवन के मार्गदर्शन, सामाजिक न्याय, सभ्यता, परम्परा और मनोवैज्ञानिक मुद्दों पर बात की गई है। यह उन्हें अपने जीवन में सुरक्षा, न्याय, और सही दिशा देता है।

कुरान शरीफ के प्रत्येक सूरत में आयात (वाक्य) होते हैं, जो मुसलमानों के जीवन में महत्वपूर्ण मुद्दों को छूने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा, कुरान में अल्लाह के गुण, उपास्यता, सज्जनों के आदर्श, प्रार्थना की महत्ता, धार्मिक आचरण, आदित्य मन्त्र, और आत्मा के बारे में भी चर्चा होती है Islam Dharm Kitna Purana Hai?।

मुस्लिम धर्म के अनुयाय कुरान को प्राथमिकता देते हैं और इसे संबंधित विधियों के अनुसार पालन करते हैं। कुरान शरीफ की पाठ प्रक्रिया को “तिलावत” कहा जाता है और यह मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अभ्यास है। कुरान शरीफ की मूल पाठ को अच्छी तरह से समझने और पाठ करने के लिए अलीम (पठने वाले) या हाफिज़ (हफ्ते में पूरा कुरान याद करने वाले) की प्रमाणित शिक्षा आवश्यक होती है।

कुरान शरीफ मुस्लिम समुदाय में आदरणीय है और इसे अनुसरण करने वाले लोग इसकी नीतियों, सिद्धांतों, और उपदेशों का पालन करते हैं। इसलिए, कुरान शरीफ मुस्लिम धर्म का महत्वपूर्ण और पवित्र धार्मिक पुस्तक के रूप में मान्यता प्राप्त है।

इस्लाम की उत्पत्ति कहा से हुई थी?

इस्लाम धर्म की उत्पत्ति अरब के शहर मक्का और मदीना में 7वीं सदी में हुई थी। पैगंबर मोहम्मद के द्वारा इस्लाम का प्रचार और घोषणा की गई थी। उनके द्वारा गुस्सा में इस्लाम का विचार, प्रचार व प्रसार किया गया था।

पैगंबर मुहम्मद ने 6वीं सदी में अरबी देश में जन्म लिया था। वे आपके वालिद (पिताजी) हज़रत अब्दुल्लाह और माताजी हज़रत आमिना के बेटे थे। हज़रत मुहम्मद की माता-पिता की मृत्यु के बाद, उन्हें उनकी दादी के साथ रहना पड़ा।

हज़रत मुहम्मद ने अपने जीवन के दौरान आल्लाह की आवाज़ को प्राप्त किया, जिसने उन्हें धर्म के प्रचारक बनाया। उन्होंने खुदाई के सन्देशों को लोगों के साथ साझा करने के लिए काफी मेहनत की। उनके व्याख्यान और उपदेशों के बाद, इस्लाम धर्म का प्रसार तेजी से हुआ और उसकी मान्यताएं विश्व भर में फैल गईं। हज़रत मुहम्मद के द्वारा प्रतिष्ठित किए गए इस्लामी सिद्धांतों ने मुसलमानों के द्वारा अपनाए जाने वाले आचरणों को प्रभावित किया।

इस्लाम धर्म की उत्पत्ति अरबी देश में हुई, जहां तकरीबन 1400 साल पहले हज़रत मुहम्मद ने अपने उपदेशों का प्रचार किया। वे अपने समय के राजनैतिक, सामाजिक, और आर्थिक परिस्थितियों में इस्लाम को प्रचारित करने में सक्षम रहे। इस्लाम धर्म अरबी देश में प्राचीन है और उसके सिद्धांत, मान्यताएं, और आचरण आज भी मुस्लिम समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

भारत में इस्लाम कब आया?

भारत में इस्लाम का प्रारंभ 7वीं शताब्दी ईस्वी में हुआ था। इस्लाम का भारत में सबसे पहले अरबी व्यापारियों के माध्यम से आना हुआ था। इसके बाद इस्लाम उत्तर भारतीय तटों जैसे गंगा नदी के इलाको और दक्षिण भारत में फैलना शुरू हो गया था। भारत में इस्लाम का फायदा और फैलाव दिल्ली सल्तनत (1206 – 1526), मुगल साम्राज्य (1526-1857) के समय में हुआ था।

इस्लाम का प्रचार व संघर्ष स्वतंत्र संग्राम (1857 – 1947) के दौरान भी जारी था। अभी तक इस्लाम भारत देश में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख धर्मों हो गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Que: इस्लाम कब और कहां उत्पन्न हुआ?

Ans: इस्लाम 7वीं सदी में अरब में उत्पन्न हुआ। हज़रत मोहम्मद ने इस्लाम का प्रचार-प्रसार किया और उसकी उपास्यता और उपदेशों को विश्व में फैलाया।

Que: क्या इस्लाम केवल अरब में मान्य है?

Ans: नहीं, इस्लाम विश्व भर में मान्यता प्राप्त है और उसके अनुयायों की संख्या लगभग १२ अरब से अधिक है। इस्लामी संस्कृति और धर्म विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में व्याप्त हैं।

Que: क्या इस्लाम के प्रमुख सिद्धांत क्या हैं?

Ans: इस्लाम के प्रमुख सिद्धांतों में समानता, न्याय, शांति, और सामरिकता का महत्वपूर्ण स्थान है। कलिमा, नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज़ इस्लाम के मुख्य स्तंभ हैं और सभी मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Que: इस्लाम के प्रमुख तीर्थस्थल कौन-कौन से हैं?

Ans: मक्का और मदीना इस्लाम के प्रमुख तीर्थस्थल हैं। मक्का में स्थित कबा और मदीना में हज़रत मोहम्मद का समाधि स्थल यात्रीयों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Que: इस्लाम धर्म की संख्या विश्व भर में कितनी है?

Ans: वर्तमान में, इस्लाम धर्म के अनुयायों की संख्या विश्व भर में लगभग १२ अरब से अधिक है। यह विश्व का सबसे बड़ा धर्म है।

Que: कौनसा धर्म पुराना है हिन्दू या इस्लाम?

Ans: दुनिया में सबसे पुराना धर्म हिन्दू धर्म है।

निष्कर्ष

इस्लाम धर्म एक प्राचीन धर्म है जो काफी समय से अस्तित्व में है। हज़रत मोहम्मद के उपदेशों पर आधारित इस धर्म की मान्यताएं, तत्व, और सिद्धांत विश्व भर में व्याप्त हैं। इस्लामी संस्कृति और अनुयाय विश्व भर में फैले हुए हैं और यह धर्म धर्मिक, सांस्कृतिक और इतिहासिक दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि आपको यह लेख Islam Dharm Kitna Purana Hai पढ़कर अच्छी लगी होंगी और इस लेख से आपको कुछ नया जानने को मिला होगा। दोस्तों अगर आपको इसलिए से कुछ नया जानने को मिला है तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में भी शेयर करें ताकि उन्हें भी पता चले कि इस्लाम धर्म कितना पुराना है।

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